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शराब घोटाले में विज ने दो बड़े अधिकारीयों पर की कार्रवाई की सिफारिश, जानिए कौन हैं वो?

लॉकडाउन के दौरान हरियाणा के सोनीपत में सामने आए हाईलेवल के शराब घोटाले में बड़े खुलासे हुए हैं। गृहमंत्री अनिल विज आज चंडीगढ़ में घोटाले की जांच के लिए बनाई एसईटी कमेटी की रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी है।

विज ने बताया कि एसईटी ने इस घोटाले के मुख्यआरोपी को शय देने के आरोप में सोनीपत की तत्कालीन एसपी प्रतीक्षा गोदारा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। वहीं आईएएस शेखर विद्यार्थी के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश एसईटी ने अपनी रिपोर्ट में की है। गृह मंत्री अनिल विज ने एसईटी की रिपोर्ट पर कहा कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी टीसी गुप्ता की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यी एसईटी ने रिपोर्ट में कहा है कि 2000 पेज की रिपोर्ट 6 भागों में है।

सभी डीईटीसी से बात कर ऑब्जर्वेश दी है। 3 ए चैप्टर में एसपी जश्नदीप रंधावा सोनिपत व प्रतीक्षा गोदारा पूर्व एसपी से बातचीत की है। विज ने बताया कि एसईटी की जांच में सामने आया है कि शराब की तस्करी पंजाब व अन्य पड़ोसी राज्यों से हुई। 2011-12 से यह एक्साइज विभाग की लापरवाही व पुलिस की ढील से हो रहा है। एसईटी ने टिप्पणी की है कि एसपी सोनीपत रहते प्रतीक्षा गोदारा ने शराब तस्कर भूपिंदर को 2 गनमैन दिए व गन लाइसेंस दिए।

प्रतीक्षा गोदारा के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश की गई है। उन्होंने बताया कि एसप प्रतीक्षा गोदारा के खिलाफ जांच व कार्रवाई के लिए सीएम को पत्र लिखा है। वहीं एसईटी ने आईएएस शेखर विद्यार्थी के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश करते हुए बताया कि उन्होंने शराब ठेकेदारों को मैसेज लिखित रूप से नहीं भेजे। एसईटी एमवी डिस्टिलरी व अन्य डिस्टलरियों की वर्किंग देखना चाहती थी जिसकी तारीख 18 जुलाई तय होने से पहले शेखर विद्यार्थी ने मना कर दिया और कहा कि पंजाब आबकारी नीति के तहत अनुमति नहीं दी जा सकती।

शेखर विद्यार्थी के खिलाफ भी कार्यवाही की सिफारिश गृह मंत्री अनिल विज ने सरकार से की। डिस्टलरियों में सीसीटीवी कैमरों की आज तक कोई फीड नहीं आई। एसईटी ने जिन लोगों अधिकारियों के खिलाफ रिकमेंडिड की है, गृह मंत्री विज ने उनके विभागों को कार्रवाई के लिए लिख दिया है। विज ने कहा कि शराब तस्करी के विभिन्न आपराधिक मामलों में हरियाणा विजिलेंस कार्यवाही करेगी, एक एक बिंदु को जांच कर कार्यवाही करें एसईटी ने पाया कि दर्ज 200 में से ज्यादा मामले चालकों के खिलाफ खानापूर्ति की।

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