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सोनिया से शुरू गांधी पर खत्म, जानिए कैसे?

कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर शुरू हुआ ड्रामा अब खत्म होता दिख रहा है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि सोनिया गांधी फिलहाल एक साल के लिए और पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी। यानी ड्रामे की पठकथा सोनिया पर शुरू हुई और गांधी परिवार पर ही आकर खत्म भी हो गई।

कहानी की शुरुआत : कम से कम 23 नेताओं जिनमें CWC के सदस्य, UPA सरकार में मंत्री रहे नेता और सांसदों ने सोनिया गांधी को संगठन के मसले पर चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में सशक्त केंद्रीय नेतृत्व के साथ पार्टी को चलाने की सही रणनीति पर जोर दिया गया था। इसमें कहा गया था कि नेतृत्व ऐसा हो जो सक्रिय हो और जमीन पर काम करता दिखे।


इस्तीफे का ड्रामा : कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसके बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पद छोड़ने की पेशकश की और कहा कि सीडब्ल्यूसी नया अध्यक्ष चुनने के लिए प्रक्रिया आरंभ करे। सीडब्ल्यूसी की बैठक आरंभ होने के बाद सोनिया ने कहा कि वह अंतरिम अध्यक्ष का पद छोड़ना चाहती हैं और उन्होंने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को विस्तृत जवाब भेजा है।

राहुल की एंट्री : लेकिन इस बिच विवाद में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की एंट्री हुई। उन्होंने नेतृत्व के मुद्दे पर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि जब पार्टी राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में विरोधी ताकतों से लड़ रही थी और सोनिया गांधी अस्वस्थ थीं तो उस समय ऐसा पत्र क्यों लिखा गया। नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस के दो खेमों में नजर आने की स्थिति बनने के बीच पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई सीडब्ल्यूसी की बैठक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हो रही है। राहुल गांधी ने कुछ नेताओं के बीजेपी से मिले होने तक के आरोप लगा दिए।

पलटवार : राहुल गांधी के इस तरह के बयानों के बाद कुछ नेताओं ने अपनी चिट्ठी से पलटवार कर लिया। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने पार्टी में उठे लेटर विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि चिट्ठी की बातें किसी भी व्यक्ति या गांधी परिवार के खिलाफ नहीं थीं। वह सिर्फ एक सुझाव था। सोनिया जी पद अपने पास रखने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में अगर राहुल गांधी कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं, तो यह ठीक है, लेकिन यदि नहीं, तो पार्टी नेतृत्व पार्टी के संविधान के तहत सोचे और फैसला ले।


बैठक और इस्तीफा वापसी : इसके बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई और फैसला लिया गया है कि सोनिया गांधी फिलहाल पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी। सीडब्ल्यूसी में इस फैसले पर रजामंदी हुई है कि सोनिया गांधी एक और साल के लिए पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी।

अब एक्शन : इतना ही नहीं जिन नेताओं ने चिट्ठी लिखी थी अब उन पर एक्शन होने की बात भी सामने आ रहे है। सूत्रों के अनुसार बैठक में इस बात पर भी निर्णय हुआ है कि जिन नेताओं ने चिट्ठी लिखी अब उन पर कार्रवाई की जाए।

- यानि चिट्ठियों की कहानी सोनिया से शुरू होकर गांधी पर खत्म हो गई और लिखने वाले बली के बकरे बन गए हैं।

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