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जेजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अजय चौटाला ने रामकुमार गौतम को क्या दी सलाह, पढिए विशेष बातचीत

डॉ अजय सिंह चौटाला जो हरियाणा की राजनीति में एक अहम नाम हैं। हाल ही में उन्हें जेजेपी का राष्ट्रिय अध्यक्ष बनाया गया है। यानी लंबे समय के बाद वो फिर से सक्रिय राजनीति में लौट रहे हैं। अब आगे की उनकी क्या योजनाएं हैं, भाजपा के साथ कैसा अनुभव रहा, बरौदा उपचुनाव की क्या योजना है और लगातार पार्टी एक खिलाफ बोल रहे विधायक राकुमार गौतम को वो क्या सलाह देना चाहेंगे, इन सभी विषयों पर हमने उनसे बातचीत की। आज की इस बातचीत में हमारा कोई सवाल नहीं होगा बल्कि सीधे उनके जवाब पढिए ....

- रामकुमार गौतम को संयम बरतना चाहिए। उतार चढ़ाव का नाम ही राजनीति है और हमारे सारे विधायक और कार्यकर्ता हमारे साथ हैं। - हमने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष तय कर दिए हैं। जल्द ही राजस्थान व पंजाब में भी संगठन खड़ा करेंगे। जजपा को क्षेत्रीय पार्टी से लेकर राष्ट्रीय पार्टी बनाएंगे। - मेरे पास जिम्मेदारी पहले भी काफी थी, अब और बढ़ गई है। हरियाणा में पार्टी को मजबूत करने की योजना है। गांवों से लेकर शहरों तक, हर गली-मोहल्ले में पार्टी पहुंचेगी। ताऊ देवीलाल की नीतियों पर चल रही जजपा के हर छोटे से छोटे वर्कर की सुनवाई होगी।

- बरोदा में भाजपा व जजपा मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जिस पार्टी के उम्मीदवार को टिकट मिलेगा, उसका चुनाव चिन्ह होगा। हर रविवार को मैंने बरोदा की जनता के बीच जाने का कार्यक्रम तय किया है। - बरोदा में अक्सर स्व. देवीलाल की नीतियां चुनाव जीतती रही हैं। हम देवीलाल के अनुयायी हैं और फिर चुनाव जीतेंगे। दस साल तक हुड्डा सीएम रहे, लेकिन वह बता दें कि इन सालों में उन्होंने बरोदा की जनता के लिए क्या किया। सिर्फ बातों से तो काम नहीं चलता। - हमारे कई विधायक नाराज हैं यह कांग्रेस और हमारे विरोधियों द्वारा फैलाई गई अफवाह है। - हम भाजपा के सहयोगी हैं। विधायकों के विकास के कार्यों को गति नहीं मिलेगी तो किसे मिलेगी।

- दुष्यंत सरकार में साझीदार हैं। विपक्ष के लोग तो हमें भाजपा की ए और बी टीम भी बताते हैं। हम कहां कह रहे कि हम भाजपा के साथ सरकार में शामिल नहीं है, लेकिन इन लोगों को यह भी समझ लेना चाहिए कि जजपा स्व. देवीलाल की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए अस्तित्व में आई है, भाजपा में विलय होने के लिए नहीं। - जब हमारी पार्टी इनेलो थी, तब भी भाजपा और हम एक साथ थे। आज जजपा हैं तब भी हम साथ-साथ हैं और आगे भी साथ-साथ ही रहेंगे।

- पिछले दिनों कुछ ऐसी भी बातें आई कि इनेलो में बिखराव के लिए आपको और दुष्यंत चौटाला को जिम्मेदार ठहराया गया?

- चौधरी ओमप्रकाश चौटाला मेरे पिता और सुलझे हुए राजनीतिज्ञ हैं। जब हमें पार्टी से निकाला गया था, तब तक तो हमने जजपा का गठन भी नहीं किया था। उसी समय हमने चौधरी साहब से कहा था कि उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। आज वैसे ही हालात बने हुए हैं। - दुष्यंत और उनकी टीम ने जजपा को खड़ा करके दिखाया है। मामला अब इतना आगे बढ़ गया कि हमारे किसी के पास पीछे मुड़कर देखने का वक्त ही नहीं है।

- आज भी हमारी ही तो सरकार है। मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि हमारे बीच किसी तरह का पारिवारिक मनमुटाव नहीं है। राजनीतिक विवाद थे, जिनका असर सबके सामने है। - ओमप्रकाश चौटाला जी ने अभय सिंह चौटाला को पूरी पार्टी और 20 विधायक सौंपे थे। आज सिर्फ एक विधायक उनके पास रह गया। - ऐलनाबाद में हमने उनका कोई विरोध नहीं किया था। यदि हम विरोध करते तो शायद वह यह एक सीट भी नहीं जीत पाते। दुष्यंत और उनकी टीम ने 10 विधानसभा सीटें जीतीं। डिप्टी सीएम बने। इसलिए इन बातों में अब कोई दम नहीं रखा।

- हम पूरे तालमेल के साथ भाजपा का साथ दे रहे हैं। हमें भी उनका साथ मिल रहा है। यह साथ काफी लंबा चलेगा। - चौटाला परिवार में सिर्फ राजनीतिक मनमुटाव है, पारिवारिक संबंध पहले जैसे ही मधुर हैं।

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