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हरियाणा कला परिषद के डिजिटल मंच पर हुआ रागनी मुकाबला, विदेश तक से आई फरमाईश

हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री भी अब नए रूप में बदलती जा रही है। लॉकडाउन के बाद अब इंडस्ट्री में और भी ज्यादा बदलाव आने वाले हैं। इसी कड़ी में हरियाणा कला परिषद के डिजिटल मंच पर रागनी महामुकाबला हुआ, जिसमें लगभग एक लाख लोग शामिल हुए।

इस मुकाबले की धूम ने केवल हरियाणा बल्कि विदेश तक में देखने को मिली। लोगों ने खूब फरमाईशें की और विदेश से भी रागनी की फरमाइशें आई। इस मुकाबले में विख्यात लोक गायक सत्ते फरमाणा, गुलाब सिंह, राकेश ने मिलकर रागनियों में समा बांधा। कार्यक्रम में परिषद के निदेशक संजय भसीन ने अध्यक्षता की व स्मृति चिन्ह भेंट किए। कला परिषद के मंडल निदेशक गजेंद्र फौगाट ने बताया कि रागनी महा मुकाबले में सभी विख्यात रागनी गायकों ने अपनी अपनी प्रस्तुतियां दी। लगभग एक घंटा 9 मिनट चले कार्यक्रम में अनेकों लोगों ने विभिन्न फेसबुक पेजों पर अपनी फरमाइशे भेजी। कलाकारों ने उनकी फरमाइश पूरी करते हुए रागनियां सुनाई। लोक गायक गुलाब सिंह ने जयमल फत्ते के किस्से से पं मांगे राम की रागनी "या साड़ी किसकी जयमल कड़े तै मंगाई" सुना कर दर्शकों की फरमाइश पूरी की। इसके अलावा उन्होंने कृष्ण चंद्र नादान की "कागा किसका मन हरता, कोयल किसको देती - एक जीभ के कारण सारा जग अपना कर लेती" व फौजी मेहर सिंह की रात अंधेरी गिरती पड़ती,आगी चाल कुटी पै " सुनाई। कार्यक्रम में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों नफे सिंह, कंवरपाल, मेनपाल, सत्यवान ने वादन व गायन में सहयोग किया। यह कार्यक्रम हरियाणा कला परिषद रोहतक, गजेंद्र फौगाट ऑफिशियल के अलावा अनेकों सोशल मीडिया से लाइव किया गया। हरियाणा के जिलों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, लंदन व अमेरिका में भी इस कार्यक्रम को देखने वाले दर्शक जुड़े। दर्शकों ने आज के कार्यक्रम के मंच संचालक व निदेशक गजेंद्र फौगाट को उनके प्रयासों के लिए साराहा। कार्यक्रम के अंत में निदेशक संजय भसीन व गजेंद्र फोगाट ने सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। अंत में संजय भसीन ने सभी कलाकारों सहित गजेंद्र फोगाट के प्रयासों की सराहना की व उनके सहयोग के लिए डीपीआरओ संजीव सैनी, जिला प्रशासन और जिला उपायुक्त मनोज कुमार का भी धन्यवाद किया।

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