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गौर से देखिए इस चेहरे को, इसने 8 साल में अपने पांच बच्चों को मार डाला, जानिए क्यों?

जुम्मादीन! एक ऐसा नाम जिसे आज के बाद लोग शायद जुबां पर भी लाना नहीं चाहेंगे। लाएंगे भी तो घृणा के साथ। जींद के निकट सफीदों के डिडवाड़ा गांव का यह शख्स पिता शब्द के नाम पर कलंक है। इसने अपने पांच बच्चों को खुद मार डाला। जानिए क्यों...


अपने ही बच्चों को मारने का कारण आप भी हैरान रह जाएंगे। इसने बताया कि - कैथल के एक तांत्रिक ने कहा था कि तंत्र-सिद्धि के लिए पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे के जन्म से पहले दोनों बच्चियों को मारना जरूरी है। सो मार डाला। अब इसे न कोई पश्चाताप, न अपराधबोध। दो बेटियों-मुस्कान (11) और निशा (7) को चंद रोज पहले मार डालने की बात इसने पंचायत के सामने कबूल की। साथ ही बताया कि इसने अपनी 9 माह की बेटी (उसका नाम भी निशा) को 8 साल पहले और दो बेटों नबी व आर्यन को क्रमश: 1 साल और 5 साल पहले मार दिया था। दिल झकझोर देने वाली यह बात बताते वक्त इसके चेहरे पर शिकन तक न थी। इस घटना से गांव के लोग सदमे में हैं। कह रहे हैं कि जुम्मादीन को तो आसपड़ोस के बच्चे भी चाचा-चाचा कहकर घेर लिया करते थे। कहीं से आता तो पड़ोस के बच्चों के लिए कुछ न कुछ जरूर लाता। गर्भवती पत्नी रीना ने बताया,‘ये शांत स्वभाव का था। शादी के 14 सालों में कभी ऊंची आवाज में नहीं बोला। बच्चों को डांटने तक नहीं देता था। पड़ोस के बच्चों को देखता तो कहता मेरा नबी जिंदा होता तो इतना बड़ा होता। बच्चों की मौत का गम अक्सर इसकी आंखों में पढ़ सकती थी मैंं। मुझे लगता कि बच्चे किसी दैवीय प्रकोप से मरे हैं। बच्चियों के नाम पर बैंक में पैसे जमा कराता। कहता कि बड़ी होंगी तो काम आएंगे। खुद का 20 लाख का बीमा कराया था ताकि इसके न रहने पर हम सड़क पर न आ जाएं। ये ऐसा करेगा कभी सोचा न था। जो अपने बच्चों को खा जाए उसे सरेआम गोली मार देनी चाहिए।’ बहराल पुलिस ने जुम्मादीन को गिरफ्तार कर कैथल के तांत्रिक को भी हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में जुम्मादीन ने बताया कि वह 14 तारीख की रात ही बच्चियों को मार देना चाहता था पर घर के सामने मैकेनिक की दुकान देर रात तक खुली रही, इसलिए ऐसा नहीं कर पाया। 15 की रात इसने पूरे परिवार को नशे की गोलियां खिलाईं। इसके बाद एक बेटी को पीठ पर बांधकर और एक को सामने बैठाकर मोटरसाइकिल से नहर तक ले गया और पानी में फेंक दिया।


16 को ये सफीदों थाने पहुंचा और बेटियों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। 18 को निशा का शव साहनपुर के पास गुजर रही हांसी-बुटाना नहर के पास मिला। 20 जुलाई को मुस्कान का शव भी इसी नहर से मिला। जब शक होने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो बचने के लिए यह पंचायत के सामने पेश हो गया। सरपंच प्रतिनिधि प्रमोद कुमार ने बताया कि इसने सबके सामने स्वीकार किया कि इसने अपने पांच बच्चों को खुद मारा है। सबसे पहले 9 माह की निशा को गला घोंटकर, फिर आर्यन और नबी को सल्फास खिलाकर मारने की बात इसने स्वीकार की है। इनकी हत्या का कारण इसने कुछ नहीं बताया। एएसपी अजीत शेखावत का कहना है कि वे इसका पॉलीग्राफी टेस्ट करवा सकते हैं। फिलहाल पूरा घर शक के दायरे में है। इसका ससुर भी तंत्रमंत्र में शामिल बताया जा रहा है। अन्य एंगल भी जांच रहे हैं।

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