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हरियाणा में रिश्वत और भ्रष्टाचार का एक ओर बड़ा खेल आया सामने, जानिए क्या है ये...

पिछले काफी समय से हरियाणा में कई विभागों के अंदर घोटाले तो कई जगह रिश्वत मांगने के बड़े कारनामे सामने आ रहे हैं। अब ऐसा ही एक और बड़ा भ्रष्टाचार का खेल सामने आया है।

इस मामले में फैक्ट्री में जीएसटी चोरी के नाम पर मांगी 12 लाख रिश्वत मांगी, फिर 9 में सैटलमेंट हुई, सीबीआई तक बात पहुंची तो सेंट्रल जीएसटी के 4 अधिकारी पर एफआईआर भी हो गई है।

दरअसल रोहतक के सेंट्रल जीएसटी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा बड़े भ्रष्टाचार करने का मामला सामने आया है। यहां की टीम ने राई इंडस्ट्री एरिया में एक दवाई कंपनी पर छापेमारी कर जीएसटी चोरी के नाम पर 12 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। आखिर में 9 लाख रुपये में मामला सैटल हुआ। फैक्ट्री मालिक ने 3 लाख रुपये पहले दे दिए, बाकी का पैसा बाद में देने की बात हुई। इससे पहले की वह बाकी पैसा देता, उसी ने इसकी शिकायत सीबीआई चंडीगढ़ को कर दी। सीबीआई चंडीगढ़ ने अब इस मामले में कार्रवाई करते हुए सेंट्रल जीएसटी विभाग के सुपरिटेंडेंट गुरविंद्र सिंह सोहल, सुपरिटेंडेंट कुलदीप हुड्डा, इंस्पेक्टर रोहित मलिक व इंस्पेक्टर प्रदीप पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं कुछ को हिरासत में भी लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।


सोनीपत जिले के राई इंडस्ट्री एरिया में दवाई बनाने की कंपनी रिसर्च मेडिसन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कालरा ने सीबीआई चंडीगढ़ को शिकायत में बताया कि 6 अगस्त 2020 को दिन के 11 बजे रोहतक जीएसटी डिपार्टमेंट से टीम जांच के लिए फैक्ट्री पहुंची। इसमें जीएसटी विभाग से सुपरिटेंडेंट गुरविंद्र सिंह सोहल, सुपरिटेंडेंट कुलदीप हुड्डा, इंस्पेक्टर रोहित मलिक व इंस्पेक्टर प्रदीप शामिल थे।

उन्होंने जीएसटी चोरी का आरोप लगाते हुए मोटा जुर्माना लगाने की बात कही। फिर उन्होंने प्रैशर बनाकर रिश्वत की डिमांड की। पहले 12 लाख रुपये रिश्वत मांगी। मोलभाव शुरू हुआ और 9 लाख रुपये रिश्वत देने की बात पर सैटलमेंट हुई। मनोज कालरा ने तीन लाख दे दिए। बाकी के पासे रोहतक जीएसटी दफ्तर में आकर देने की बात हुई इसके बाद ही क्लीयरेंस लेटर देने के लिए कहा।


ये थे कोड वर्ड मनोज कालरा ने एक ऑडियो क्लिप सीबीआई को सौंपी है। जिसका जिक्र उन्होंने अपनी शिकायत में भी किया है। उनका आरोप है कि 6 अगस्त को रात 10.30 बजे सुपरिटेंडेंट गुरविंदर सिंह सोहल का उनके फोन पर फोन आता है। वे पैसे कम होने की बातचीत कोड वर्ड में करने लगते हैं। उनका कहना था कि सर वो सामान तीन किलो ही निकला है। इस पर मनोज कालरा कहते हैं कि तीन लाख ही डाले थे, मैं मिलता हूं मंगलवार को। आवाज ठीक से न आने की वजह से फोन कट गया। इस पूरी घटना की शिकायत मनोज कालरा ने सीबीआई को की, जिसके बाद आरोपियों पर सीबीआई ने कार्रवाई की है।


अब कार्रवाई की गई सीबीआई टीम की छापेमारी बारे में जैसे ही सीजीएसटी के अधिकारियों को भनक लगी तो उन्होंने भागने की कोशिश भी की। सेक्टर तीन में कुलदीप हुड्‌डा के घर पर टीम ने छापेमारी की और उसे वहीं पर पकड़ लिया। यहां से नकदी और जेवरात बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक अन्य अधिकारी मौके से फरार हो गया। बताया जाता है कि जैसे ही यह अधिकारी भाग रहा था तो उसने नहर में रिश्वत के पैसों को फेंक भी दिया। इसका भी टीम ने वीडियो बनाया है। इसके लिए सीबीआई टीम ने स्थानीय अर्बन एस्टेट थाना पुलिस की मदद भी ली। बाद में सीजीएसटी आयुक्तालय के कार्यालय में छापेमारी भी की गई और यहां भी सीसीटीवी से रिकॉर्ड निकाला गया है।

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