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भाजपा को अध्यक्ष ढूंढने में लगे 2 महीने, 6 साल बाद भी कांग्रेस की जिलों में कार्यकारिणी नहीं

Updated: Jul 22, 2020

बरोदा उपचुनाव से पहले अपने संगठनों को मजबूत करने में जुटी राजनीतिक पार्टियां, पदाधिकारी चुनने में छूटे पसीने. अलग-अलग धड़ों ने बिगाड़ा कांग्रेस का खेल. कांग्रेस में 2014 के बाद से नहीं हुई नियुक्ति.




बरोद उपचुनाव से पहले प्रदेश के राजनीतिक दलों ने अपने-अपने संगठनों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। भाजपा ने अपना नया प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ को बनाया है, जिसे तलाशने में भाजपा को करीब 2 महीने लग गए। वहीं, प्रदेश कांग्रेस आपसी गुटबाजी के चलते 6 साल से जिला स्तर पर कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाई है। इधर, जेजेपी ने एक साल पूरा होने से पहले ही कार्यकारिणी को भंग कर दिया है और अब नए पदाधिकारियों की ढूंढने में जुट गई है। इनेलो फिलहाल अपना कुनबा बढ़ाने में लगी है।


“सितंबर-अक्तूबर में बरोदा उपचुनाव होने की संभावना है। हालांकि अभी तारीख तय नहीं है, लेकिन संगठन के मामले में कोई दल कमजोर नहीं रहना चाहता। कांग्रेस के गढ़ में भाजपा कमल खिलाने के लिए रणनीति बना रही है, तो दूसरे दल भी तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं, कांग्रेस पहले ही शैडो मंत्रिमंडल बनाकर सत्ताधारी गठबंधन को घेरने का ऐलान कर चुका है।”

कांग्रेस में 2014 के बाद से नहीं हुई नियुक्ति

कांग्रेस में प्रदेश के बड़े नेताओं की आपसी गुटबाजी के कारण करीब छह साल से जिला स्तर पर कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रहे अशोक तंवर और हुड्‌डा ने कई बार कोशिश की, जो सिरे नहीं चढ़ पाई। सभी गुट अपने कार्यकर्ताओं की पैरवी करते रहे। संगठन में जिला या स्टेट लेवल की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। तंवर को हटाने के बाद कुमारी सैलजा को प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया। उनका कहना है कि जिलाध्यक्ष समेत अन्य नियुक्तियां होनी हैं। अब देरी नहीं होगी।


बरोदा में खाता खोलने की फिराक में भाजपा

बरोदा उपचुनाव को लेकर मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक करेगी। यहां नए बनाए प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला भी मौजूद रहेंगे। भाजपा उपचुनाव को लेकर मीटिंग पहले भी कर चुकी है। बरोदा में कभी भाजपा जीत नहीं पाई। खाता खोलने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। पहले ही मुख्यमंत्री खुद बरोदा विधानसभा के क्षेत्र पंचायती राज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनसे वहां हो रहे विकास कार्यों की जानकारी ली है। इधर, भाजपा के नए बने प्रदेशाध्यक्ष धनखड़ ने सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मुलाकात की।


भाजपा में अभी संगठन महामंत्री बनाना बाकी

अचानक प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने से ओपी धनखड़ उत्साह से भरा है। उन्होंने पंचकूला में पूर्व महामंत्रियों के साथ बैठक की। हालांकि अभी पार्टी द्वारा संगठन महामंत्री भी हरियाणा में नियुक्त किए जाने हैं, लेकिन सप्ताहभर में प्रदेश में कई नई नियुक्तियां हो सकती हैं। प्रदेशाध्यक्ष का कहना है कि पहले ही नियुक्तियों में देरी हो चुकी है। सभी से विचार-विमर्श करने के बाद नई नियुक्तियां होंगी। संगठन को लेकर भाजपा किसी तरह की कोर कसर नहीं छोड़ेगी। माना जा रहा है कि भाजपा जिला स्तर पर भी नए अध्यक्ष बनाने के लिए तैयारियों में जुटी हुई है।

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